तुलसी विवाह 2026: देवउठनी एकादशी पर तुलसी-शालिग्राम विवाह की संपूर्ण विधि
सार संक्षेप (KEY HIGHLIGHTS)
देवउठनी एकादशी व पावन तुलसी विवाहचातुर्मास समाप्त होने के बाद देवउठनी एकादशी पर भगवान शालिग्राम और माता तुलसी का विवाह संपन्न कराया जाता है, जिससे सभी मांगलिक कार्य आरंभ होते हैं।
देवउठनी एकादशी व पावन तुलसी विवाह
चातुर्मास समाप्त होने के बाद देवउठनी एकादशी पर भगवान शालिग्राम और माता तुलसी का विवाह संपन्न कराया जाता है, जिससे सभी मांगलिक कार्य आरंभ होते हैं।