संपादकीय दिशा-निर्देश, तथ्य-जांच और सुधार नीति
रंगीन भारत पत्रकारिता की शुचिता, सांस्कृतिक प्रामाणिकता और निष्पक्षता के उच्चतम मानकों का पालन करता है। यहाँ हमारी शोध, सत्यापन और सुधार की पूरी प्रक्रिया वर्णित है।
तथ्य-जांच एवं पंचांग सत्यापन के कड़े मानक
रंगीन भारत पर प्रकाशित प्रत्येक त्योहार की तिथि, नक्षत्र और शुभ मुहूर्त की गणना प्रामाणिक द्रिक पंचांग, विक्रम संवत और भारतीय मानक समय (IST) के आधार पर बहु-स्तरीय रूप से जांची जाती है। हम सोशल मीडिया के भ्रामक दावों या सनसनीखेज कैलेंडर अफवाहों का पूर्ण बहिष्कार करते हैं। आरती, मंत्र और पूजा सामग्री की सूचियां विद्वानों और मूल धर्मग्रंथों के आधार पर तैयार की जाती हैं।
मानवीय समीक्षा एवं पारदर्शी तकनीक
हमारे सभी लेख, रंगोली ट्यूटोरियल और गृह-सज्जा मार्गदर्शिकाएं अनुभवी सांस्कृतिक लेखकों द्वारा तैयार की जाती हैं। जहाँ भी द्विभाषी समरी या अनुवाद में आधुनिक तकनीक की सहायता ली जाती है, उसे अनुभवी संपादकों द्वारा शब्द-दर-शब्द जांचा जाता है ताकि सांस्कृतिक मर्यादा और तथ्य अक्षुण्ण रहें।
पारदर्शी सुधार एवं संशोधन नीति
सटीकता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी मुहूर्त के समय, वर्तनी या विवरण में कोई त्रुटि सामने आती है, तो हम बिना किसी विलंब के उसे तुरंत सुधारते हैं। प्रत्येक लेख पर प्रकाशन की मूल तिथि और अंतिम अद्यतन तिथि (dateModified) स्पष्ट रूप से अंकित होती है।
व्यावसायिक स्वतंत्रता व एफिलिएट प्रकटीकरण
हमारी सिफारिशें पूरी तरह निष्पक्ष होती हैं। यदि किसी पूजा सामग्री, दीये या सजावटी सामान के लिए कोई एफिलिएट लिंक दिया जाता है, तो वहां स्पष्ट प्रकटीकरण (Disclosure) अंकित होता है। प्रायोजक हमारे पंचांग निर्णयों या संपादकीय निष्पक्षता को कभी प्रभावित नहीं कर सकते।
शिकायत निवारण एवं संपादकीय संपर्क
पाठक किसी भी विसंगति की सूचना देने या सुझाव साझा करने के लिए स्वतंत्र हैं। हमारे शिकायत निवारण अधिकारी द्वारा हर सूचना का प्राथमिकता से संज्ञान लिया जाता है।