भाई दूज 2026: तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पौराणिक कथा
सार संक्षेप (KEY HIGHLIGHTS)
भाई दूज 2026: शुभ मुहूर्त और महत्वभाई दूज (यम द्वितीया) भाई-बहन के पवित्र प्रेम और स्नेह का प्रतीक पावन पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी दीर्घायु और सुख-समृद्धि की मंगलकामना करती हैं।भाई दूज तिलक का शुभ मुहूर्तअभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42 से दोपहर 12:28 तकअपराह्न विजय मुहूर्त: दोपहर 01:15 से 03:25 तकपूजा की सरल विधिपूजा की थाली में रोली, अक्षत, कलावा, सूखा नारियल (गोला), मिठाई और जल का पात्र रखें।
भाई दूज 2026: शुभ मुहूर्त और महत्व
भाई दूज (यम द्वितीया) भाई-बहन के पवित्र प्रेम और स्नेह का प्रतीक पावन पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी दीर्घायु और सुख-समृद्धि की मंगलकामना करती हैं।
विषय सूची (Table of Contents)
भाई दूज तिलक का शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42 से दोपहर 12:28 तक
- अपराह्न विजय मुहूर्त: दोपहर 01:15 से 03:25 तक
पूजा की सरल विधि
पूजा की थाली में रोली, अक्षत, कलावा, सूखा नारियल (गोला), मिठाई और जल का पात्र रखें। भाई को उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बिठाएं और सिर पर रुमाल या टोपी पहनाकर तिलक करें।